आईवीएफ माध्यम द्वारा स्वयं के अंडे से संतान सुख संभव
उदयपुर। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय का अनुमान है कि दुनियाभर में लगभग 15 प्रतिशत दंपतियों को गर्भधारण करने में परेशानी होती है। विश्वस्तर पर, 48.5 मिलियन जोड़े बांझपन का अनुभव करते हैं। वर्ष 2019 में, 15 से 44 वर्ष की आयु के 9 प्रतिशत पुरुषों और 10 प्रतिशत महिलाओं में संयुक्त राज्य अमेरिका में बांझपन की समस्या दर्ज की। इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के अनुसार विकासशील देशों में हर 4 जोड़ों में से एक जोड़ा बांझपन की समस्या से जुझता है। लगभग 27.5 मिलियन भारतीय जोड़े बांझपन के कारण सक्रिय रूप से गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे हैं। यह जानकारी सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में विंग्स आईवीएफ उदयपुर की सेंटर हेड और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. निशा अग्रवाल ने दी। डॉ. निशा अग्रवाल ने बताया कि दुनियाभर में बांझपन की बढ़ती दर सामाजिक और पारस्परिक जीवनशैली में अचानक बदलाव पर प्रकाश डालती है। सामाजिक तनाव, वित्तीय स्वतंत्रता और अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देती हैं और इसके परिणामस्वरूप बांझपन होता है। वास्तव में, देश के कई कोनों में अभी भी महि...